lohardaga

  • Feb 27 2020 12:59AM
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प्रभार के भरोसे चल रहा है इंजीनियरिंग विभाग

 विकास कार्य ठप, गुणवत्ता पर नहीं है किसी का ध्यान 

लोहरदगा : लोहरदगा जिले में लगातार बैठकें होती हैं. इसमें हमेशा कहा जाता है कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लायें व गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के अंदर निर्माण कार्यों को पूरा करें. लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है. जिले में इंजीनियरिंग विभाग पूरी तरह प्रभार के भरोसे चल रहा है.

विभाग में कई महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में कार्यपालक अभियंता के पद खाली पड़े हैं. कहीं-कहीं प्रभार के सहारे कार्य किया जा रहा है, तो कहीं यह पद रिक्त पड़ा है. बात बिल्डिंग डिवीजन की करें, तो यहां के कार्यपालक अभियंता शिव दयाल सक्सेना 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए.

इसके बाद से यहां बिल्डिंग डिवीजन के कार्यपालक अभियंता का पद खाली है. जिन संवेदकों के कार्य का एग्रीमेंट शिव दयाल सक्सेना द्वारा किया गया है. वह काम बगैर कार्यपालक अभियंता के चल रहा है. सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि बगैर कार्यपालक अभियंता के निर्माण कार्य की गुणवत्ता क्या होगी. सूत्रों के अनुसार कार्यपालक अभियंता शिव दयाल सक्सेना द्वारा 31 जनवरी के पहले की कटी चेक भी ट्रेजरी में पड़ी है.

इस तरह जिला परिषद के जिला अभियंता लीलाधर यादव 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गये. इसके बाद यहां प्रभार के सहारे काम चलाया जा रहा है. वर्तमान समय में आरइओ के कार्यपालक अभियंता मनमोहन झा जिला अभियंता के प्रभार में है. इस तरह लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता का पद भी रिक्त पड़ा है. रांची में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता हेमंत कुमार लोहानी भी प्रभार में है.  

सरकारी योजनाओं का बुरा हाल: फरवरी माह समाप्ति पर है. वित्तीय वर्ष समाप्त होने की कगार पर पहुंच चुका है. संवेदक परेशान हैं कि उनके द्वारा किये गये कार्यों का भुगतान नहीं हो रहा है या फिर विकास योजनाओं को गति नहीं मिल रही है. इससे लोहरदगा जिले में सरकारी योजनाओं का बुरा हाल है.

लोगों का कहना है कि इस ओर न तो जनप्रतिनिधियों का ध्यान है और न ही अधिकारियों का. यदि ऐसा होता तो लोहरदगा जिले में कार्यपालक अभियंता के इतने पद खाली नहीं रहते. अभी वर्तमान समय में लोहरदगा जिले में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट पूरी तरह प्रभार के सहारे चल रहा है. काम चलाऊ व्यवस्था किसी तरह चलायी जा रही है.

ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता का पद खाली

जिले में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता का पद खाली पड़ा है. यहां पर कार्यरत कार्यपालक अभियंता अमरेंद्र गांधी को एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इसके बाद से यहां भी कार्यपालक अभियंता का पद खाली पड़ा है. अमरेंद्र गांधी एनआरइपी व नगर परिषद में भी कार्यपालक अभियंता के प्रभार में थे. उनकी गिरफ्तारी के बाद दोनों विभाग में कार्यपालक अभियंता का पद खाली है. अमरेंद्र गांधी के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार शिकायतें मिल रही थी. इसके बावजूद वे तीन विभागों के प्रभार में थे.

 

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